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London Olympic 2012: भारत की प्रेरणादायक स्टार खिलाड़ी सायना नेहवाल

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saina nehwalलंदन ओलंपिक 2012 की सबसे बड़ी पदक उम्मीद और देश की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने भारत को कांस्य पदक दिलाकर अपने चार साल के उस सपने को पूरा किया जो उन्होंने बीजिंग ओलंपिक दौरान देखा था. यह कारनामा करने के साथ ही सायना देश की पहली खिलाड़ी हो गई हैं जिसके नाम बैडमिंटन में एक पदक है.


Read : Saina Nehwal Profile


भारत एक ऐसा देश है जहां पर महिलाओं को समाज के अंतिम पायदान के रूप में देखा जाता है. जहां शोषण और उत्पीड़न को नारियों की योग्यता के रूप में मापा जाता है. विकास और सशक्तिकरण मानो उनके पास इसलिए नहीं आते क्योंकि वे  स्त्री हैं. ऐसे में सायना नेहवाल जैसी महिलाएं जब बड़े स्तर पर कुछ कमाल कर जाती हैं तब ऐसा लगता है कि यह उन सभी लोगों को एक बड़ा तमाचा है जो अपने आप को समाज के बड़े पहरेदार मानते हैं.


सायना नेहवाल के ऊपर पिछले कई सालों से देश की नजर थी. उसकी दो वजह थी. एक तो बीजिंग ओलंपिक के बाद से ही वह मीडिया और लोगों के बीच लाइमलाइट में रहीं और दूसरे वह देश की सबसे युवा महिला खिलाड़ी हैं. चार साल पहले जब बीजिंग ओलंपिक में सायना नेहवाल ने बहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था तब से ही लोगों को उम्मीद थी कि यह लड़की आगे जाकर भारत के लिए ओलंपिक में एक पदक जरूर निश्चित करेगी.


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17 मार्च, 1990 को हरि‍याणा – हि‍सार में जन्‍मी साइना नेहवाल अपने खेल को लेकर काफी संजीदा थीं. उनका खेल के प्रति जज्बा बचपनसे ही था. हर एक मैच के बाद अपने खेल में क्या सुधार किया जा सकता है उस पर वह निरंतर विचार करती थीं. सामने वाले खिलाड़ी को कैसे मात देना है उसको लेकर अपने कोच पुलेला गोपीचंद के साथ योजनाएं बनाती थीं. यही वह वजह है कि सायना अपनी छोटी सी उम्र में ही भारत के लिए एक पदक लाने में कामयाब रहीं.


सायना ने लगातार मेहनत किया और अपना नाम विश्व की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार किया जिनका आज बैडमिंटन में अपना कोई नाम है. साइना ने जून 2009 में इंडोनेशिया ओपन में उच्च वरीयता प्राप्त चाइना की वांग लिन (Wang Lin) को हराकर इतिहास रचा था. अपने बेहतर खेल प्रदर्शन की बदौलत सायइना ने विश्व रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया था. बैडमिंटन में जहां चाइना का पूरा दबदबा है वहां सायना की यह रैंकिंग उन्हें आगे बढ़ाने में बहुत ही मददगार साबित हुई. सायना नेहवाल को उनके शानदार खेल की बदौलत वर्ष 2009 में अर्जुन पुरस्कार और जबकि जनवरी 2010 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया.


सायना नेहवाल की कामयाबी

इवेंट वर्ग परिणाम
लंदन ओलंपिक-2012 महिला एकल कांस्य
एशियन चैम्पियंशिप-2010 महिला एकल कांस्य
राष्ट्रमंडल खेल-2010 महिला एकल गोल्ड
वर्ल्ड जूनियर चैम्पियंशिप-2008 महिला एकल गोल्ड


इंडोनेशियाई ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट-2009: विजेता

सिंगापुर सुपर सीरिज-2010: विजेता

इंडोनेशियाई ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट-2010: विजेता

हॉगकॉग सुपर सीरिज-2010: विजेता

स्विस ओपेन ग्रां प्री. 2012: विजेता

स्विस ओपेन ग्रां प्री. 2012: विजेता

थाइलैंड ओपेन ग्रां प्री 2012: विजेता

इंडोनेशियाई ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट-2012: विजेता


Read : सेमीफाइनल में साइना पहुंचीं


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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

gaurav के द्वारा
December 5, 2013

i very like saina nehwal ji


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